VPN क्या होता है और इसके कार्य क्या हैं?

क्या आप जानते हैं कि VPN क्या होता है और कैसे कार्य करता है? अगर आप Internet का उपयोग करते हैं तो आपकी privacy के लिए VPN बहुत ही जरुरी है. उदाहरण के तौर पर अगर कोई hacker, internet service provider या कोई third party agency यह जानने की कोशिश करती है की आप Internet पर क्या कर रहे हैं तो VPN में यह संभव नहीं है. ऐसे में आपकी पहचान से जुड़े socialmedia accounts और bank accounts भी सुरक्षित रहते हैं|

VPN का दूसरा सबसे बड़ा फायदा यह है कि, अगर कोई website telecom provider की तरफ से ban की गई है तो उसे भी बड़ी सरलता से access किया जा सकता है. आप भारत में रहते हुए OTT platform पर दूसरे देशों के content बड़े ही आराम से देख सकते हैं. उदाहरण के लिए अगर आप VPN का उपयोग कर Netflix चलाते हैं तो आप अमेरिकी netflix के content भी आसानी से देख सकते हैं|

आज के समय में Internet पर अपनी personal जानकारियां share करना सही नहीं है, क्योंकि online की दुनिया ठगों से भरी हुई है जो हमेशा आपकी personal जानकारियों को collect कर उनका दुरुपयोग करने के लिए तैयार बैठे रहते हैं. इसलिए online रहते हुए VPN आपको सुरक्षित रखने में completely मदद करता है.

आज के इस आर्टिकल में, मै आपके साथ VPN क्या होता है, VPN कैसे काम करता है, vpn की setting और vpn के फायदे क्या हैं, के बारे में जानकारी share करूंगा. तो चलिए आगे बढ़ते हैं और जानते हैं, VPN क्या होता है (What is VPN in Hindi) ? के बारे में विस्तार से|


VPN क्या होता है? – What is VPN in Hindi

VPN अर्थात Virtual Private Network, एक ऐसा network है जो आपको किसी public internet connection से private internet connection बनाने के दौरान online privacy और गुमनामी (anonymity) प्रदान करता है. VPN आपके Internet Protocol (IP) address को छुपा लेता है ताकि आपके द्वारा लिए गए online actions untraceable रहें.

VPN


सबसे महत्वपूर्ण बात, VPN एक ऐसा सुरक्षित और encrypted connection तैयार करता है जो किसी secure Wi-Fi Hotspot के मुकाबले अधिक privacy प्रदान करता है. यह अनधिकृत (unauthorized) लोगों को जासूसी करने से रोकता है और users को दूर से संचालन करने की आज्ञा देता है.


VPN का full form क्या है?

वीपीएन (VPN) का फुल फॉर्म है – Virtual Private Network

VPN कैसे कार्य करता है?(How vpn work's in hindi?)

VPN, विशेषतौर पर बनाए गए remote server जिसे VPN host द्वारा run किया जाता है, के द्वारा नेटवर्क को redirect कर आपके IP Address को छुपा लेता है.

अर्थात जब आप एक VPN के साथ online surfing करते हैं, उस दौरान VPN सर्वर आपके data का स्रोत बन जाता है. इसका मतलब आपका Internet Service Provider (ISP) और दूसरी third parties यह नहीं देख सकते कि आपने किस website पर विजिट किया है या क्या data भेजा या प्राप्त किया है.

आसान भाषा में VPN एक filter के रूप में work करता है जो आपके data को गड़बड़ा देता है या ऐसी language में बदल देता है जो समझ के बाहर होती है. इसलिए अगर कोई आपके data में सेंध लगाने की कोशिश करता है तो वह कामयाब नहीं हो पाता है.


VPN किसको use करना चाहिए?

कोई भी बिजनेस हो चाहे छोटा या बड़ा हमें हमेशा security के बारे में ही ध्यान रखना चाहिए. आज इस post में हम online network और business की security के बारे में बात कर रहे हैं. जिसमें हम भी आपको VPN के बारे में जानकारी दी है. अब बात  आती है कि VPN को कैसे यूज़ करना चाहिए.

जब भी हम किसी hotel, airport और coffee shop में किसी public wifi से internet का उपयोग कर रहे हैं तो कोई hackers हमारी location और हमारे details और data इससे निकाल सकता है. लेकिन जब हम VPN का उपयोग करते हैं तो VPN software हमारे device के वास्तविक IP एड्रेस को Hide कर देता है जिससे  कोई भी हमें online ट्रैक नहीं कर सकता है.

बहुत से VPN Service अपने खुद के DNA reservation system provide करवाती है. DNS बुक  की तरह किसी भी URL को Text To URL में बनाकर computer के समझने लायक बनाती है जैसे कि हमारी वेबसाइट का URL “techgyaans.blogspot.com”.  जिन लोगों के पास DNS को ट्रैक करने की ज्ञान होती है. वह आसानी से Phishing के जरिये सुचना या जानकारी को आसानी से हैक कर सकते हैं. जब हम VPN का DNA सिस्टम उपयोग करते हैं तो हमारे पास double layer protection हो जाती है और जिससे हमारा डाटा पहले से ज्यादा secure हो जाता है.

VPN का use उन लोगों को करना चाहिए जो personal और professional data safety चाहते हैं जैसे government agencies, online traders आदि.

अगर आप Bit Torrent का इस्तेमाल करते हैं तो आप TorGuard और NordVPN जैसी सर्विस का उपयोग कर सकते हैं जिसमें आपको Pear To Pear फाइल शेयरिंग और Bit Torrent शेयरिंग जैसे Feature मिलेंगे.


VPN Service कैसे उपयोग करे?

इन कुछ सालों में VPN सर्विस की Demand बढ़ने की वजह से Internet पर इतनी Fake VPN और Work VPN सिस्टम आ गए हैं जिसकी वजह से लोगों को बहुत दिक्कत होती है. अगर आप अपना device और अपनी connection को secure करना चाहते हैं. तो आपको सही और अच्छा VPN system का use करना होगा.

VPN सिस्टम का use करने से पहले आपको उस software के बारे में नीचे बताए गए बातों को ध्यान में रखते हुए ही उपयोग शुरू करना है.

  • Reputation
  • Performance
  • Type Of Encryption Used
  • Transparency
  • Ease Of Use
  • Support
  • Extra Features

सभी VPN सर्विस के लिए आपको Pay नहीं करना होगा. कुछ software आपको free में उपयोग करने को भी मिलेंगे लेकिन इसमें आपको unlimited Features नहीं मिल पाएंगे. अगर आप सामान्य system का use करना चाहते हैं. तो आप Tunnel VPN का use कर सकते हैं. यह एक फ्री और लिमिटेड VPN को सर्विस software है.

कुछ VPN सॉफ्टवेयर कंपनी अपने software जो फ्री में trail देती है जिनमे आप pro feature का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके अलावा आपको company से मनी बैक Guarantees में भी मिलती है जिससे अगर आपको अपने हिसाब से सॉफ्टवेयर Feature और Safety नहीं मिलती है तो आप company से मनी बैक request भी कर सकते हैं. अगर आप ऐसे किसी VPN सॉफ्टवेयर का use करना चाहते हैं तो आपकी Solid VPN Unlimited सॉफ्टवेयर का use कर सकते हैं.


VPN आपके IP Address और Privacy को कैसे protect करता है?

चलिए VPN के कार्य करने के तरीके के बारे में और विस्तार से जानते हैं. जब data को Wi-Fi नेटवर्क पर भेजा जाता है तब VPN encrypted का उपयोग कर data को अस्पष्ट भाषा में बदल देता है जिससे data को पढ़ना असंभव हो जाता है.

किसी Public Wi-Fi Network का उपयोग करने के दौरान data को सुरक्षित रखना काफी महत्वपूर्ण हो जाता है ताकि आपकी Internet activity को जासूसी से बचाया जा सके.

दूसरी सबसे महत्वपूर्ण बात आपकी privacy को बरकरार रखना है. बिना VPN के प्रयोग के आपका Internet Service Provider (ISP) बड़ी ही आसानी से आपकी पूरी ब्राउज़िंग history को देख सकता है.

लेकिन VPN के प्रयोग से ऐसा कर पाना संभव नहीं है. क्योंकि यह आपकी सर्च हिस्ट्री को छुपा लेता है. ऐसा इसलिए क्योंकि आपकी web activity VPN सर्वर के IP Address के साथ शामिल रहेगी, आपके IP Address के नहीं. एक VPN सेवा प्रदाता के विश्व में सब जगह server हो सकते हैं. इसका मतलब आपकी search activity इनमे से किसी भी एक से उत्पन्न की जा सकती हैं.


Privacy के तौर पर VPN से क्या-क्या छुपाया जा सकता है?

VPN कई ऐसी information को छुपा सकता है जो आपकी privacy को खतरे में डाल सकती हैं. इनमें से कुछ जानकारियां इस प्रकार हैं:

1. Browsing History – अगर आप VPN का प्रयोग नहीं करते हैं और Internet Browser पर कुछ search करते हैं तो आपका Internet Service Provider (ISP) और browser आपकी activity को trash कर सकते हैं. इसके साथ ही आप जिन-जिन websites पर visit करते हैं वो भी आपकी History को अपने पास रख सकते हैं. वेब ब्राउज़र आपकी search history को trace कर आपके IP Address के साथ बांध सकते हैं.

अगर ऐसा होता है तो आपको परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. बिना VPN के प्रयोग से आपके द्वारा search की गई जानकारियां browser के साथ share हो जाएगी और आपको targeted विज्ञापन प्राप्त होना start हो सकते हैं जो बार-बार परेशान करेंगे. साथ ही आपका internet service provider आपकी browsing history को बेच भी सकता है.

2. IP Address और Location – कोई भी अगर आपके IP Address को trace करता है तो वह पता लगा सकता है कि आपने internet पर क्या search किया और search करने के दौरान आपकी location क्या थी. लेकिन जब एक VPN किसी IP Address का प्रयोग करता है जो आपका नहीं है, तब यह आपकी privacy को सुरक्षित रखता है और आपको गुमनाम रूप से search करने की permission देता है. साथ ही यह आपकी search history को collect करने, देखे और बेचे जाने से बचाता है. ध्यान रखें, यदि आप किसी public computer या आपके मालिक, स्कूल या दूसरी संस्था द्वारा प्रदान किए गए कंप्यूटर का प्रयोग करते हैं तो आपकी search history को देखा जा सकता है.

3. आपका Device – VPN का प्रयोग कर आप अपने device जैसे कि Laptop, Computer, Mobile या Tablet को जासूस की बुरी नजरों से दूर रख सकते हैं. Internet प्रयोग करने के दौरान आपका device cyber अपराधियों का मुख्य निशाना हो सकता है, खासतौर पर जब आप एक public Wi-Fi network का प्रयोग कर रहे होते हैं. VPN आपके द्वारा भेजे जाने वाले और प्राप्त किए जाने वाले data को सुरक्षित रूप से रखने में help करता है ताकि hackers आप पर नजर ना रख सके.

4. Live Streaming के लिए आपकी Location – अगर आप देश से बाहर कहीं travel कर रहे हैं और live streaming सेवा के जरिए किसी खेल या शो का आनंद लेना चाहते हैं तो हो सकता है यह संभव ना हो. ऐसा इसलिए क्योंकि कुछ देशों के अपने नियम और शर्ते होती हैं जिनके तहत आप live streaming सेवा का आनंद नहीं ले सकते. 

फिर भी आप उस देश में VPN के प्रयोग से एक ऐसा IP Address चुन सकते हैं जो streaming service पर दिखाए जाने वाले किसी भी events तक पहुंच प्रदान कर सकता है. इसके जरिए आप data की speed को भी बढ़ा सकते हैं.


VPN कैसे set किया जाता है?

VPN को सेट करना बहुत ही आसान है. इसके लिए आपको अपने computer (window 10 के साथ) और smartphone की Settings में जाना है, फिर Network & Internet में जाकर VPN चुनना है. यहाँ आप manually VPN कनेक्शन add कर सकते हैं. यह आपके लिए थोड़ा मुश्किल काम हो सकता है इसलिए बेहतर रहेगा यदि आप इंटरनेट के जरिए Software या App डाउनलोड कर VPN का प्रयोग करते हैं.

Computer के लिए Best Windows VPN Software – Best Windows VPN Software in Hindi

वैसे तो Internet पर बहुत सारे VPN Software मौजूद हैं लेकिन यहाँ मै आपके साथ कुछ भरोसेमंद Best Windows VPN Software के नाम सांझा कर रहा हूँ जिन्हें आप आसानी से अपने computer पर प्रयोग कर सकते हैं.

  • Hotspot Shield
  • OpenVPN
  • CyberGhost
  • Total VPN
  • Zenmate
  • Windscribe
  • Finch VPN
  • ZPN Connect
  • Surf Easy
  • Tunnel Bear

Smartphone या Mobile के लिए Best VPN apps 

नीचे दिए गए Best Android apps में से आप किसी एक app को install कर उसका इस्तेमाल शुरू कर सकते हैं:

  • SaferVPN
  • NordVPN
  • TIger VPN
  • ExpressVPN
  • Windscribe
  • Buffered VPN

VPN के फायदे क्या हैं? – Advantages of VPN in Hindi

VPN प्रयोग से होने वाले फायदे कुछ इस प्रकार हैं:

इंटरनेट Security को बढ़ाता है – जब भी हम internet पर कुछ काम करते हैं तब online security को लेकर मन में हमेशा चिंता बनी रहती है. लेकिन VPN का प्रयोग कर इस चिंता को दूर किया जा सकता है. VPN का इस्तेमाल web data को secure कर उसे हैक होने या चोरी होने से बचाता है.

किसी भी Website या Online Streaming को आसानी से access किया जा सकता है – VPN के जरिए आप Geo-Blocked websites यानी कि ऐसी websites जिन्हें geographical location के आधार पर access करने की permission नहीं है, को भी आसानी से access किया जा सकता है. इसमें किसी भी तरह का कोई restriction नहीं होता जो किसी website या video streaming को रोकता हो.

किसी Public Connection को secure तरीके से access किया जा सकता है – जब भी हम किसी Wi-Fi connection का प्रयोग करते हैं तो यह ज्यादा सुरक्षित नहीं होता है. इस दौरान आपकी privacy और safety को लेकर खतरा बना रहता है. ऐसे में आप VPN service का प्रयोग कर सुरक्षित तरीके से internet का आनंद ले सकते हैं.

गुमनाम तरीके से कुछ भी download कर सकते हैं – यदि आपका internet सेवा प्रदाता आपको किसी website से content डाउनलोड करने से रोक रहा है तो आप VPN का प्रयोग कर बिना अपनी पहचान बताए files की आसानी से देख या download कर सकते हैं.


VPN से होने वाले नुकसान – Disadvantages of VPN in Hindi

जहाँ एक तरफ VPN से होने वाले फायदे हैं तो वही दूसरी तरफ इसके कुछ नुकसान भी हैं, जो कुछ इस प्रकार हैं:

अच्छी Internet Speed के लिए Research करना जरूरी – अगर आप VPN के साथ अच्छी internet स्पीड चाहते हैं तो इसके लिए आपको बैठ कर research करना होगा और किसी अच्छे VPN को चुनना होगा. एक paid VPN आपको बेहतर internet speed प्रदान कर सकता है.

फ्री VPNs का प्रयोग लिमिट में ही किया जा सकता है – वैसे तो आपको internet पर बहुत सारे free VPNs मिल जाएंगे लेकिन उनका प्रयोग लिमिट में ही किया जा सकता है. जैसे कि प्रतिदिन 2GB या 5GB डाटा तक ही इस्तेमाल किया जा सकता है उसके बाद आपको पैसे खर्च करने होंगे. इसके लिए आपको VPN का monthly subscription खरीदना होगा.

सभी VPNs भरोसेमंद नहीं होते – ज्यादातर VPNs के साथ जुड़े IP Addresses यूनिक नहीं होते हैं, यानी कि इन्हें बहुत से लोगों के साथ शेयर किया गया होता है. ऐसा होने की वजह से बहुत सारे security issues पैदा हो जाते हैं जैसे कि IP Address Blacklisting और IP Spoofing (एक विशेष प्रकार का cyber attack). इसलिए किसी नामी और विश्वसनीय VPN का ही प्रयोग करना चाहिए.

आप Connection Breaks का अनुभव कर सकते हैं – ज्यादातर VPNs प्रदाता अपने software में Kill Switch को शामिल करते हैं जो एक बहुत ही उपयोगी feature है. अगर आपका connection VPN सर्वर से टूटता है तो आप अचानक बिना गुमनामी और सुरक्षा के छोड़ दिए जाते हैं जो VPN प्रदान करता है. ऐसे में आपका online behavior आपके वास्तविक IP Address के साथ जुड़ जाता है.

इसे रोकने के लिए Kill Switch उसी समय तुरंत आपके पूरे connection को internet से अलग कर देता है और केवल तभी बहाल होता है जब आपका connection VPN से backup और start हो जाता है. लेकिन इस दौरान आप internet से connection खो देते हैं. हालांकि, अच्छे VPN providers बहुत कम ही इस तरह की समस्या का सामना करते हैं.


क्या VPN का प्रयोग करना सही है?

इंटरनेट पर data चोरी और privacy से संबंधित खतरा हमेशा बना रहता है, इसलिए इन सब से बचने और अपनी गुमनामी को बनाए रखने के लिए VPN का प्रयोग बिल्कुल सही है. मतलब हमें VPN का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए.


Conclusion

उम्मीद करता हूँ आपको मेरे द्वारा बताई गई जानकारी “VPN क्या है और कैसे कार्य करता है?” जरूर पसंद आई होगी. मैंने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की है VPN (VPN in Hindi) से संबंधित सभी जानकारियां आप तक पहुंचाने की ताकि आपको इस विषय के संदर्भ में किसी दूसरी website पर जाने की जरूरत ना पड़े.

अगर आपको यह जानकारी पसंद आई हो या कुछ नया सीखने को मिला हो तो कृपया इसे दूसरे social media network पर share जरुर करें. 
सह धन्यवाद 🙏🙏
जय हिंद🚩 जय भारत🙏

0 टिप्पणियाँ

Ask your questions

एक टिप्पणी भेजें

Ask your questions

Post a Comment (0)

और नया पुराने