Internet का इतिहास in हिन्दी– Simple History of The Internet in Hindi ||

Internet ka itihas in hindi | Simple History of The Internet in Hindi


आज लगभग संपुर्ण संसार इंटरनेट की गिरफ्त में है, इंटरनेट के बिना मानो आज जिंदगी की कल्पना ही नहीं की जा सकती है। हर कोई आज internet का आदि बन चुका है, क्योंकि जिस चीज की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी, उसे आज इंटरनेट ने हकीकत में बदल दिया है।

इंटरनेट के माध्यम से आज घर बैठै-बैठे दुनिया के किसी भी कोने में बैठे अन्य व्यक्ति से बातचीत कर सकते हैं, ईमेल या सोशल नेटवर्किंग साइट्स के माध्यम से अपना संदेश भेज सकते हैं, वीडियो कॉल कर सकते हैं, वहीं internet ने कम्यूनिकेशन को इतना आसान बना दिया है कि देश-दुनिया की अर्थव्यवस्था पहले के मुकाबले काफी बेहतर हो गई है।


क्या आपने कभी जानने की कोशिश की है, कि  इसकी शुरुआत कैसे और कब हुई, इसका विस्तार कैसे हुआ और इंटरनेट से जुड़े तमाम सवालस, जिनके जबाव आज हम आपको अपने इस लेख में बतायेगें। तो आइए जानते हैं internet के बारे में –

Internet ka itihas in hindi– Simple History of The Internet in Hindi ||


Internet ka itihas  hindi me – History of Internet in Hindi


कैसे हुई इंटरनेट की शुरुआत? – When was The Internet Born?


सबसे पहले इंटरनेट की शुरुआत अमेरिकी सेना द्धारा पेंटागन अमेरिका के Department of Defense  में की गई थी। साल 1969 में ARPANet अर्थात (Advance Research project Agency) नाम का Networking Project लॉन्च किया गया था।

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जिसका उपयोग युद्द के वक्त बिना किसी मुश्किलों के गोपनीय सूचना भेजने और संचार व्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए किया गया था। वहीं थोड़े समय बाद इससे मिलने वाले लाभों को देख शोधकर्ता, वैज्ञानिक, मिलिट्री के लोग और कॉन्ट्रेक्टर्स इसका प्रयोग करने लगे।

इसके बाद धीरे-धीरे इसकी लोकप्रियता बढ़ती गयी। और आज इस नेटवर्क ने पूरी विश्व को अपनी गिरफ्त में ले लिया है।


सबसे पहले ‘Vinton Gray Cerf‘ और ‘Bob Kanh‘ नाम के दो व्यक्तियों के द्दारा साल 1970 में internet  की शुरुआत की गई थी। इसलिए इन्हें इंटरनेट का जनक भी कहा जाता है।


Retomalcin  ने साल 1972 में पहला ईमेल भेजा।


ब्रिटिश डाकघर में पहली बार इंटरनेट का उपयोग साल 1979 में नई प्रौद्योगिकी के रुप में किया गया। इसके बाद ही computer  तकनीकी में तेजी से विकास हुआ।


नेशनल साइंस फाउंडेशन ने कुछ हाई स्पीड कंम्यूटरों को जोड़कर साल 1980 में एक नेटवर्क (NSFNet) तैयार किया, जिसने बाद में इंटरनेट (Internet) की नींव रखी। वहीं इसी साल Bill Gates की कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने भी अपना operating system  IBM  के कंप्यूटर पर लगाने का सौदा तय किया।


सन्  1984 में इस नेटवर्क से 1000 से ज्यादा निजी computer जुड गए, इसके बाद धीरे-धीरे इसका तेजी से विकास हुआ और आज इसके दुनिया के सबसे बड़े नेटवर्क का रूप धारण कर लिया है।


आम जनता के लिए सन्  1989 में इंटरनेट खोल दिया गया, जिससे उपयोग बड़े स्तर पर लोगों द्धारा कम्यूनिकेशन और रिसर्च के लिए किया जाना लगा।


World Wide Webकी खोज से internet  को सन् 1990 में एक नई दिशा दी गई। इसके बाद इस क्षेत्र में और अधिक तेजी से विकास होता चला गया।

Education एवं research  से संबंधित सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए हाई स्पीड नेटवर्क को विकसित करने के मकसद से सन्  1991 ‘नेशनल रिसर्च एंड एजुकेशन नेटवर्क’ (NREN) की स्थापना की गई।


इसके बाद सन् 1993 में पहले ग्रोफिक वेब ब्राउजर और मोजाइक सॉफ्टवेयर ( MOSAIC) सॉफ्टवेयर की खोज ने इंटरनेट के विकास को गति प्रदान की।


Internet  की दुनिया में तेजी से नए-नए अविष्कार होते चले गए, और इसका तेजी से विकास होता चला गया, और आज दुनिया के सभी देशों के network  आपस में जुड़ गए, जिससे सूचना का आदान-प्रदान, शौध, वित्तीय लेनदेन समेत तमाम ऐसी चीजें सेंकेण्डों में की जाने लगी है, जिसके बारे में पहले कभी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी।


भारत में कब हुई इंटरनेट की शुरुआत? – When Internet Started in India?


भारत में विदेश संचार निगम लिमिटेड द्धारा टेलीफोन लाइन के जरिए भारत में सबसे पहले इंटरनेट का इस्तेमाल 15 अगस्त साल 1995 में किया गया था। शुरुआत में देश में करीब 20- 30 कंप्यूटर ही इंटरनेट से जुड़ सके थे।


उस वक्त सिर्फ जरूरी सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता था और सिर्फ कुछ बड़े-बडे़ संस्थानों और कॉलेजों को ही इंटरनेट से जोड़ा गया था। वहीं शुरुआत में इसकी स्पीड भी बेहद कम थी। इसके बाद जैसे-जैसे इंटरनेट का भारत में विस्तार होता गया वैसे-वैसे इंटरनेट की स्पीड भी बढ़ती गई।


90 के दशक में भारत में इंटरनेट का तेजी से विकास हुआ और इसकी पहुंच देश के कोने-कोने में हो गई। वहीं आज इंटरनेट का इस्तेमाल लोग सूचनाओं के आदान-प्रदान, शौध और शिक्षा के लिए ही नहीं करते हैं बल्कि इंटरनेट के माध्यम से आज लोग लाखों – करोड़ों रुपए घर बैठे ही कमा रहे हैं।


आज दुनिया में ऐसा कोई भी क्षेत्र ऐसा नहीं है जहां इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं हो रहा है इसलिए इंटरनेट को अब तक दुनिया के सबसे बड़े और अच्छे अविष्कारों में एक माना गया है।

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