What is OCR in Hindi?

OCR का पूरा नाम Optical Character Recognition है। यह एक free online सेवा है जो PDF documents को MS Word फाइल में बदलने की permission देती है। इसके इलावा PDF file से characters को निकाल कर एक image में बदल देती है या scan की गई images को text format में convert कर देती है ताकि वे edit की जा सके। यह एक ऐसी technology है जो किसी documents से text को digital form में convert करती है। ज़्यादातर text को scan किए गए documents और images में से ही पहचान किया जाता है। OCR software असली कागजात वाली image को digital text में बदल देता है।

OCR मशीन scan, print और image form में लिखे text को डिजिटल form में बदलती है। इसके इलावा Optical Character recognition एक ऐसी technology है जिसमे आप किसी भी तस्वीर में से characters को निकाल कर किसी भी format जैसे JPEG, PNG और TIFF इत्यादि में scan करके अपने computer में save कर सकते हैं। आगे आप जानेंगे कि OCR क्या  होता है और OCR की फुल फॉर्म क्या है।

OCR क्या होता है? (What is OCR in Hindi)

OCR को Optical character recognition कहते हैं। इसके इलावा OCR को Optical Character reader भी कहा जाता है। आप इसके नाम से ही जान चुके होंगे कि यह एक ऐसा software है जो images में से characters की पहचान करता है। OCR को software और hardware दोनों तरीको से इस्तेमाल किया जा सकता है। आजकल OCR सॉफ्टवेयर को आप अपने smartphone में भी download कर सकते हैं और किसी भी तस्वीर और दस्तावेज़ पर लिखे अक्षरों की पहचान कर सकते हैं। वहीं दुसरी तरफ, आप OCR को hardware के रूप में भी use कर सकते हैं। इसका मतलब OCR मशीन जो किसी भी real दस्तावेज़ से अक्षरों को निकाल कर डिजिटल form में convert कर देती है।

OCR मशीन के ज़रिए आप कई सारे काम आसानी से कर सकते हैं जैसे data entry वाले records को डिजिटल फॉर्म में परिवर्तित करके उसकी soft copy बना सकते है। इसके इलावा खुद अपने हाथों से लिखे बिना ही passport, bank statement और in vice इत्यादि के record को आसानी से अपने computer में किसी भी फॉर्मेट में सेव कर सकते हैं। OCR मशीन के और भी कई सारे फायदे हैं। आइए आगे जानते हैं कि हिंदी में OCR का full form क्या है।

OCR का full form क्या है? Full form of OCR in Hindi

Full form of OCR in Hindi? हिंदी में OCR को optical character की पहचान कहते हैं लेकिन English में OCR को Optical Character recognition or Optical Character reader भी कहा जाता है।

O- Optical (ऑप्टिकल)

C- Character (कैरेक्टर)

R- recognition (पहचान)

OCR कैसे काम करता है?

OCR मशीन दो तरीको से काम करती है - एक Pattern recognition की तरह और दूसरा Feature detection की तरह काम करती है। Pattern recognition का मतलब है कि OCR मशीन उस character को उसी तरह ही पहचानेगी जैसे उसको लिखा गया है। वहीं दूसरी तरफ, Feature detection में OCR मशीन हर एक line को detect करती है और डिटेक्ट किये गए character को उसी तरह पहचानती है जैसे उसको लिखा गया है। इन दोनों तरीकों को हम आगे विस्तार से पढेंगे।

Pattern recognition:- यदि कोई व्यक्ति किसी character को उस तरह ही लिखता है जैसे image में लिखा है तो OCR मशीन को आपके द्वारा लिखे गए characters को समझना आसान हो सकता है। लेकिन यदि आप किसी image पर लिखे characters को अपनी खुद की लिखावट में लिखेंगे तो शायद OCR मशीन को समझने में मुश्किल आ सकती है। साल 1960 में, एक OCR-A name के फॉन्ट को बनाया गया था जिसको bank चेक और कई जगहों में use किया जाता था। कोई भी इस font का इस्तेमाल लिखने में नहीं करता था। जब आपको कोई व्यक्ति अपनी लिखाई में कुछ लिख कर भेजता है तो OCR मशीन में उस लिखाई को उसी तरह लिख कर convert किया जा सकता है। तो कई बार characters को पहचानने में समस्या आ ही जाती है। यह machine कई सारे अक्षरों की उसी तरह पहचान कर digital फॉर्म में कन्वर्ट कर देता था लेकिन फिर भी कोई ना कोई गलती हो ही जाती है। इसका हल करने के लिए OCR-A फॉन्ट को बनाया गया था। जो पुरे pattern की उसी तरह ही पहचान करता था जिस तरह वे लिखा गया होता है।

Feature detection:- फ़ीचर डिटेक्शन को feature extraction या intelligent character recognition (ICR) भी कहते हैं। मान लीजिए कि आपने A अक्षर को उसी तरह ही कन्वर्ट करना है जैसे उसको असल में लिखा गया है लेकिन असली documents में उस शब्द को अलग-अलग तरीकों से लिखा गया है तो आप उसको कैसे उसी तरह कन्वर्ट करेंगे जैसे उसको लिखा गया है। इस समस्या का हल आप feature डिटेक्शन से दूर कर सकते हैं और हर एक अक्षर को उसी तरह लिख सकते हैं जैसे उसको असली पेपर में लिखा गया है। आपको सिर्फ यह देखना है कि कैसे उस अक्षर की लाइन एक दूसरे के साथ जुड रही है और केसा pattern उसमे इस्तेमाल किया गया है। इस तरह उसके पैटर्न को फॉलो करके उसको पहचानना होगा। बाकि के पैटर्न को पहचानने के इलावा आप उस अक्षर को पहचाने जिसकी आपको ज्यादा जरूरत है।


OCR कहा से शुरू हुआ था?

OCR एक मशीन है जो printed या image text को डिजिटल फॉर्म में कन्वर्ट करता है। इस मशीन का ज्‍यादातर इस्‍तेमाल data entry records, passport documents, चालान, bank स्टेटमेंट, कम्प्यूटरीकृत रसीदें, business card और static डेटा इत्यादि को printo करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इस मशीन को साल 1920 के अंत में Austrian engineer Gustav Tauschek द्वारा बनाया गया था। साल 1929 में Tauschek ने इस मशीन को जर्मनी में painted करवाया था। वहीं दूसरी तरफ यूनाइटेड स्टेट्स में साल 1933 में Paul Handel नाम के एक व्यक्ति ने OCR मशीन को पेटेंट करवा लिया था। लेकिन Tauschek ने दुबारा अपनी ओसीआर मशीन को यूनाइटेड स्टेट्स में जा कर साल 1935 में painted करवाया।

एक इंजीनियर था जिसने computer फील्ड में 200 से भी ज्यादा मशीनों को पेटेंट करवाया है। Tauschek आईबीएम में काम करता था जिसने OCR की खोज की लेकिन इसके इलावा Tauschek ने और भी कई सारी मशीनों की खोज की है। साल 1974 में Raymond Kurzweil नाम के एक व्यक्ति ने भी OCR जैसी ही एक मशीन बनाई जिसका नाम Kurzweil Reading Machine (KRM) था। यह मशीन अंधे लोगों को पेपर पर लिखे अक्षरों को पढ़ कर सुनाती थी। साल 2000 में, Carnegie Mellon University के खोजकर्ताओं ने OCR  की समस्याओं को हल करने के लिए एक system बनाया था जिसे capcha स्पैम-बस्टिंग system कहा जाता है। 


OCR को कैसे इस्तेमाल करें?- How to use OCR

जब आप किसी image पर लिखे हुए अक्षरों को डिजिटल form में बदलना चाहते हैं तो आप उस तस्वीर को मशीन के सामने रख कर उसे किसी भी format में कन्वर्ट कर सकते हैं जैसे मान लीजिए आपके पास कोई तस्वीर है और आप  लिखे characters की पहचान करना चाहते है तो आप उस तस्वीर को OCR मशीन के सामने रखें और उसको किसी भी फॉर्मेट जैसे .doc, .xls, .pdf, .html, .txt इत्यादि में convert कर सकते हैं और आसानी से उस तस्वीर पर लिखे अक्षरों को पढ़ सकते हैं। यह steps तीन भागों में होती है पहला उस document को OCR मशीन के सामने रख कर scan करें, दूसरा उस तस्वीर पर लिखे characters की पहचान करें, तीसरा उसको किसी भी फॉर्मेट और office एप्लीकेशन में export करके सेव कर लें।

लेकिन जब आप इस मशीन का हर दिन use करते रहेंगे तो आपको ऊपर बताए गए तीन भागों का काम भी नहीं करना पड़ेगा और यह मशीन आपका काम अपने आप कर देगी। इस तरह आपका समय भी बचेगा और आपको बार-बार इस प्रतिक्रिया का भी प्रयास नहीं करना पड़ेगा।


OCR  के फायदे क्या है?

  • OCR का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे आपका समय बच जाता है।
  • इसके इलावा इस software की मदद से आप किसी भी file को कन्वर्ट करते समय Errors भी कम आते हैं।
  • इसमे आपको भी कम प्रयास करना पड़ेगा।
  • यह सॉफ्टवेयर keywords को भी अपने आप highlight कर देता है।
  • इसको आप website में भी शामिल कर सकते हैं और अपनी email से भी जोड़ सकते हैं।
  • OCR आपको खुद से दस्तावेज़ को edit करने की अनुमति भी देता है।
  • इस मशीन की help से आप किसी भी असली दस्तावेज़ को scan, export और recognize करके आपके साथ काम करने वाले employees को भी भेज सकते हैं।
  • इस मशीन के ज़रिए आप किसी भी book या magazine से किसी भी उदहारण को निकाल कर अपने किसी काम में इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • इसके इलावा आप किसी भी banner या poster पर लगे text की तस्वीर ले कर उसको OCR मशीन के ज़रिए अपने पसंद के किसी भी format में कन्वर्ट करके अपने किसी भी काम में इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • आप किसी भी paper या किताब की तस्वीर ले कर उस image को डिजिटल फॉर्म में कन्वर्ट करके अपने लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।


Conclusion ( निष्कर्ष  )

So friends, OCR मशीन आपको तभी अच्छे नतीजे देगी जब आप उसमे सही data और सही quality का data input करेंगे। यदि तसवीर में कोई समस्या होगी या उसके text सही नहीं दिखाई देंगे तो उस मशीन को भी पहचानने में दिक्कत हो सकती है। इसलिए कहीं न कहीं इसमे समस्या आ सकती है तो यह आपके ऊपर निर्भर करता है कि आप सही data को इनपुट कर रहे हैं या नहीं। आशा करते हैं कि OCR क्या है और Full form of OCR in Hindi की आपको completely जानकारी मिल गई होगी। यदि आपको यह article अच्छा लगा तो आप इसको अपने social media sites जैसे Facebook, Instagram और WhatsApp में अपने दोस्तों के साथ जरूर share करें।
सह धन्यवाद 🙏🙏🙏
जय हिंद🚩🚩🚩

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